Motivation in Hindi | प्रेरणा।

Motivation in Hindi | प्रेरणा।

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यह एक प्रकार की प्रेरक शक्ति है जो आपके अंदर कुछ कर गुजरने की उत्तेजना उत्पन्न करती है। मोटिवेट करने का तात्पर्य होता है अपने अंदर जोश पैदा करना। हम अपने इस लेख में (Motivation in Hindi | प्रेरणा।) मोटिवेशन के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।

Motivation in Hindi | प्रेरणा। मुुख्यतः आपकी भावनाओं में जोश भरने का कार्य करती है।

अधिकतर लोग दिन – रात मेहनत करते हैं लेकिन उनके अंदर जोश नहीं दिखाई देता है। जो उन्हें उनकी सफलता की ऊंचाई तक पहुंचा सकता है। यदि आप भी अपने जीवन में कुछ नहीं कर रहे हैं। तो motivation आपके अंदर भी कुछ बड़ा करने का जुनून जगा सकता है।

आपको अंदर से inspire करने वाली motivation अपने आप में एक बहुत ही शक्तिशाली हथियार है। इसको प्राप्त करते ही आप एक शक्तिशाली योद्धा की तरह अपने कार्यक्षेत्र की रणभूमि में उतर जाते हैं। अब आप एक निर्भीक और Big dreamers हैं। जो अपने सपनों के रास्तों में आने वाली प्रत्येक चुनौती से निपटने को तैयार हैं।

What is motivation | प्रेरणा क्या है? :-

Motivation शब्द लैटिन भाषा के Motum धातु से व्युत्पन्न हुआ है। जिसका तात्पर्य ‘To move’ (गति प्रदान) करना है। सामान्य भाषा में समझा जाए तो motivation व्यक्तियों को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

प्रेरणा एक ऐसी शक्ति है जो व्यक्ति के कार्य एवम् भावनाओं को कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। इस प्रकार किसी व्यक्ति के अंदर कार्य करने की जिज्ञासा एवम् कार्यों में जोश पैदा करना ही motivation कहलाता है।

Definition of motivation | प्रेरणा की परिभाषा।

किसी भी व्यक्ति के व्यवहारों को सक्रिय करना या कार्य को खुशी से जोश के साथ करना ही motivation कहलाता है। अभिप्रेरणा शब्द अंग्रेजी भाषा के motivation के समानार्थी के रूप में प्रयोग होता है। अतः प्रेरणा एक संक्रीया है जो जीव को क्रिया के प्रति उत्तेजित एवम् सक्रिय करती है। अभिप्रेरणा द्वारा व्यावहारिक क्रियाओं को और अधिक दृढ़ बनाया जा सकता है।

अभिप्रेरणा की परिभाषाएं :-

  1. स्किनर के अनुसार :- “अभिप्रेरणा सीखने का सर्वोत्तम राजमार्ग है।”
  2. फ्रेंडसन के अनुसार :- “सीखने के लिए सफल अनुभव और अधिक सीखने की motivation देता है।”
  3. वुडवर्थ के अनुसार :- “अभिप्रेरणा व्यक्तियों की दशा का वह समूह है जो किसी निश्चित उद्देश्य की पूर्ति के लिए निश्चित व्यवहार को स्पष्ट करती है।”
  4. गुड के अनुसार :- “किसी कार्य को आरंभ करने, जारी रखने और नियमित बनाने की प्रक्रिया को motivation कहते हैं।”
  5. लोवल के अनुसार :- “motivation एक ऐसी मनोशारीरिक अथवा आंतरिक प्रक्रिया है जो किसी आवश्यकता की उपस्थिति में पैदा होती है। यह ऐसी क्रिया की ओर गतिशील होती है जो आवश्यकता को संतुष्ट करती है।”
  6. मैकडूगल के अनुसार :- “अभिप्रेरणा (motivation) वे शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दशाएं हैं जो किसी कार्य को करने के लिए प्रेरित करती हैं।”

Types of motivation | अभिप्रेरणा के प्रकार:-

मोटिवेशन को हम मुख्यतः दो प्रकार से समझ सकते हैं।

Intrinsic motivation | आंतरिक अभिप्रेरणा –

इस प्रकार की motivation व्यक्ति स्वयं ही ग्रहण करता है। इसे हम self motivation भी कहते हैं। कल्पना करें यदि आप एक अच्छी नौकरी पाने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन सफलता आपसे दूर जा रही है और फिर भी आप मैदान में डटे हुए हैं। इसी बीच आपका कोई पड़ोसी या जानने वाला आपको चुभने वाली बात कह देते हैं। अरे हां “तेरी तो लग गई नौकरी!” इससे अच्छा तू कोई और काम – धंधा कर ले। तब आपको ऐसे शब्द सुनकर आपके सीने में एक आग पैदा होती है। कि अब चाहे जो भी हो, मैं इस नौकरी को पाकर ही रहूंगा। ये जो कार्य करने का जुनून है वह एक intrinsic motivation है। 

Extrinsic motivation | बाह्य अभिप्रेरणा

जब आपको किसी अन्य व्यक्ति या अन्य कारकों के द्वारा motivation मिलती है तो वह extrinsic motivation कहलाती है। जैसे कि माता – पिता द्वारा, किसी मित्र द्वारा, किसी ब्लॉग एवम् website द्वारा, किसी बुक्स द्वारा अथवा किसी motivational speaker द्वारा।

Why is motivation necessary | मोटीवेशन क्यों आवश्यक है? :-

मानलो आप अपने जीवन में सफल होना चाहते हैं तो आपको motivation की आवश्यकता पड़ने वाली है। क्योंकि without motivation जिंदगी सिर्फ गुजरती है। जीवन के हर पहलू के लिए आपको motivation की आवश्यकता है।

आपका गोल अचीव करने में :-

Suppose आपके अंदर अपने जीवन में बड़ा goal (लक्ष्य) पाने की लालसा है। तो आपको सबसे पहले जिस चीज की आवश्यकता है वह है motivation! जब तक आप मोटिवेट नहीं होते तब तक किसी भी काम को अंजाम देना संभव नहीं है। Motivation से आप मनचाही सफलता हासिल कर सकते हैं। और सफलता आपको खुशहाली तथा सम्मान दिलाती है। सफलता पाने के बाद लोग आपकी पहले से अधिक इज्जत करने लगते हैं। वे आपसे जुड़ना चाहते हैं, और आप जैसा बनना चाहते हैं।

सफलता या आत्मसंतुष्टि :-

व्यक्ति की आत्मसंतुष्टि उसे आगे नहीं बढ़ने देती है। और एक आत्मसंतुष्ट व्यक्ति कभी भी व्यक्ति को मोटिवेशन नहीं दे सकता है। वह तो किसी को वहीं दे सकता है जो उसके पास पहले से है (आत्मसंतुष्टि या असफलता)। इस संसार में जितने भी लोग सफल हुए हैं, जैसे धीरूभाई अंबानी, टाटा, बिल गेट्स, वॉरेन बफेट, इलोन मस्क तथा जेफ बेजॉस इत्यादि। इनकी सफलता के पीछे एक बहुत बड़ी motivation या जिद है। बिना मोटिवेशन के कोई  भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता और यही सत्य है।

Exampleयदि जेम्स वॉट को भाप से motivation नहीं मिलती तो क्या वो रेल का इंजन बना पाता? थॉमस अल्वा एडीसन को यदि मोटिवेशन नहीं मिली होती तो क्या वो बल्ब का आविष्कार कर पाते? थॉमस एडीसन के बारे में कहावत है कि उन्होंने बल्ब बनाने से पहले दस हजार बार प्रयोग किए। और वे सब असफल रहे, लेकिन उन्होंने बल्ब बनाने की अपनी जिद नहीं छोड़ी। अंत में वे सफल हुए। 

इन सभी महान लोगों की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत है। और कड़ी मेहनत के पीछे उनकी motivation, अपने सपनों को पूरा करने की जिद। बहुत बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती है। फिर भी आपको निरंतर पूरी लगन के साथ करने के लिए जो चीज है वो है आपकी motivation.

आपकी आंतरिक शक्ति को जगाने के लिए :-

इस संसार में जो भी आया है वो परमात्मा द्वारा सम्पूर्ण शक्तियों सहित भेजा गया है। फिर भी प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में सफल क्यों नहीं है। आपको जीवन में सफल होने के लिए अपनी आंतरिक शक्तियों के बारे में जानना होगा। और उन शक्तियों को जानने के लिए अथवा जागने के लिए आपको motivation की आवश्यकता पड़ेगी।

प्रेरणा आपकी अंदरुनी शक्तियों (inner powers) को जागृत करता है। जब आप अपनी आंतरिक शक्तियों (धैर्य, इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास) को पहचान जाते हैं। तो फिर आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है।

लोगों को प्रेरित करने के लिए :-

एक सफल व्यक्ति दूसरे व्यक्तियों को सफल होने के लिए मोटिवेट कर सकता है। इसी के विपरीत यदि कोई व्यक्ति निराश है तो वह दूसरे व्यक्तियों को निराश ही करेगा ना कि motivate. जब आप fully motivate होते हैं तो अन्य लोग भी आपसे प्रेरित होकर आपको फॉलो करते हैं। और आपके जैसा बनना चाहते हैं। इसलिए लोगों को प्रेरित करने के लिए आपको मोटिवेशन की आवश्यकता होती है।

अपने कार्य या प्रोजेक्ट को जल्दी पूरा करने के लिए :-

आप कोई भी कार्य कर रहे हैं या किसी project पर हैं। जिसे आप एक साल में पूरा करने वाले हैं। यदि आप किसी के द्वारा मोटिवेट होते हैं या फिर सेल्फ मोटिवेट होते हैं। तो उस कार्य को आप एक साल के बजाय 8 या 9 महीने में ही पूरा कर सकते हैं। और भली भांति कर सकते हैं। इस प्रकार आप समझ गए होंगे कि आपके जीवन में motivation की आवश्यकता क्यों होती है। प्रत्येक व्यक्ति को motivation की आवश्यकता होती है।

सफल जीवन जीने के लिए :-

सफल जीवन जीने के लिए आपको motivation बहुत आवश्यक है। व्यक्ति हर रोज अपने जीवन में नई – नई चुनौतियों का सामना करता है। यदि वह उन चुनौतियों से लडने के लिए प्रतिछड़ तैयार रहता है। और उन सभी चुनौतियों का full energy से सामना करता है तो वह व्यक्ति motivation से भरा हुआ है। वास्तव में वहीं व्यक्ति सफल जीवन का हकदार भी है।

Motivation in Hindi | प्रेरणा।

जीवन में एक विशेष लक्ष्य बनाएं :-

सम्मानजनक और सफल जीवन व्यतीत करने के लिए आप एक विशेष लक्ष्य बनाकर चलें। आपके लक्ष्य आपके जीवन का पथ प्रदर्शन करते हैं।

कल्पना करें कि आप किसी बस में यात्रा कर रहे हैं। और पास वाली सीट पर बैठा व्यक्ति आपसे सवाल पूछता है। कि आप कहां जा रहे हैं। यदि आप इस प्रश्न का उत्तर नहीं जानते हैं तो यह एक बड़ी ही अजीब बात होगी। यदि आपको अपनी मंजिल का पता है या आपका लक्ष्य पता है। तो आप इसके बारे में बात कर सकते हैं और full confidence के साथ  बोल सकते हैं। इसलिए सफल जीवन के लिए लक्ष्यनिर्धारण बहुत आवश्यक है।

How does motivation work | प्रेरणा कैसे कार्य करती है?:-

अगर आप यह जान लेते हैं कि motivation कैसे कार्य करती है? जिसके द्वारा अपने जीवन में सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। तो आप स्वयं को मोटिवेट रख सकते हैं एवम् दूसरों को भी प्रेरित कर सकते हैं। जिससे कि वे अपने जीवन में सफल हो सकें। स्वयं से बात करना एवम् उसके माध्यम से अपने अंदर सफलता को प्राप्त करने की चाहत उत्पन्न करना ही motivation कहलाता है।

कल्पना करें कि आपने कोई नया काम या बिजनेस शुरू किया है। लेकिन आपके अंदर एक डर सा बना रहता है कि पता नहीं मैं सफल हो पाऊंगा या नहीं। इस प्रकार की भावनाएं आपके motivation को कमजोर बनाती हैं। जब आप नियमित रूप से स्वयं से बातें करना शुरू करते हैं। जैसे कि मेरा आत्मविश्वास प्रतिदिन दोगुना हो रहा है। मेरा बिजनेस अच्छा चल रहा है और मैं अपने काम में सफल होकर ही रुकूंगा।

इस प्रकार से अंतर्मन से की हुई बातें आपके अंदर आत्मविश्वास पैदा करती हैं। और आप स्वयं को मोटिवेट रख पाते हैं। कई बार ऐसा भी  होता है। कि आप अपने मित्रों के साथ या अपने family members के साथ बातों ही बातों में बहुत जोर से गुस्सा आ जाता है। और आपका mind (focus) divert हो जाता है। जिसका असर आपके बिजनेस पर पड़ता है। इस प्रकार की एक्टिविटी आपको demotivate करती हैं।

How to increase motivation | अपनी मोटीवेशन को कैसे बढ़ाएं?:-

आपको अपने motivation स्तर को ऊंचा रखने के लिए या बढ़ाने के लिए सफल लोगों की तरह सोचना चाहिए। यदि आप मोटिवेटेड बने रहेंगे तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। नीचे motivation बढ़ाने के कुछ तरीके बता रहा हूं जिन पर अमल करके आप अपनी motivation बढ़ा सकते हैं।

स्वयं से बातें करके :-

अपने आप से बातें करना भी एक कला है। जिसको विकसित करके आप वो सब प्राप्त कर सकते हैं जो आप चाहते हैं। जब आप स्वयं से बातें करें तब उन्ही शब्दों को बार – बार दोहराएं जो आपके लिए हितकारी हैं। नकारात्मक शब्दों को आप इस्तेमाल ना करें। मैं इसे कर सकता हूं। मेरा आत्मविश्वास प्रतिदिन बढ़ रहा है। इस प्रकार की प्रेरक बातें आपका motivation बढ़ाने में मदद करेंगी।

सफल लोगों की जीवनियां पढ़ें :-

आपने ये तो सुना होगा कि जैसा हम सोचते हैं  वैसा हम बन जाते हैं। यदि आप अपने जीवन में सफलता हासिल करना चाहते हैं। तो उन सफल लोगों की राह पर चलें जो उन लोगों ने बनाई है। उन लोगों के बारे में जानें।

अपनी आदतों को बदलें, क्योंकि यदि आप वहीं कर रहे हैं जो पहले से करते आए हैं तो आपको परिणाम भी वही मिलेंगे। आप उनकी जीवनियां पढ़ें और उन तौर – तरीकों को अपनाएं जो उन सफल लोगों ने बताए हैं। इस प्रकार आप Motivation in Hindi | प्रेरणा। को बढ़ा सकते हैं।

सकारात्मक वातावरण में रहें :-

आपके चारों तरफ का वातावरण नकारात्मक लोगों से भरा हुआ है। यदि आप खुद को बदलना चाहते हैं तो नकारात्मकता से दूर रहें। आप हर समय सकारात्मक नजरिया बनाए रखें जिससे कि आपका motivation level high बना रहे। ना, नहीं जैसे शब्दों का प्रयोग भी कम से कम करें। अपने मन को शांत रखें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।

छोटे कदमों से शुरुआत करें :-

यदि आप अपनी पढ़ाई, नौकरी तथा बिजनेस में सफलता चाहते हैं। तो अपनी शुरुआत छोटे – छोटे कदमों से करें। छोटे – छोटे टारगेट बनाएं और उन्हें पूरा करते चलें। ऐसा करने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। यदि आप शुरू में ही बड़े steps लेते हैं तो आपको बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। और आप असफल भी हो सकते हैं। याद रखें आपको सफल होने के लिए शुरुआती दिनों में कदम अवश्य छोटे लेने होंगे। लेकिन अपनी सोच को हमेशा बड़ा रखना होगा।

मोटीवेशन को अपनी आदत बनाएं :-

कई बार ऐसा होता है, कि आप किसी सफल व्यक्ति, motivational books अथवा कोई सेमिनार attend करके मोटिवेट हो जाते हैं। लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से वही पुराने रूटीन work करने लग जाते हैं। यदि आपको जीवन में बड़ा लक्ष्य पाना है तो Motivation in Hindi | प्रेरणा। को अपनी आदत बनाना होगा।

उदाहरण के लिए:- यदि कोई व्यक्ति प्रतदिन सुबह जल्दी उठकर टहलने जाता है। चाहे रात को वह कितनी ही देरी से सोया हो लेकिन सुबह जल्दी उठ जाता है। क्योंकि यह उसकी आदत में शामिल है। माना आदतों को बदलना इतना आसान नहीं है लेकिन आदतें आसानी से जाती भी नहीं हैं। इसलिए आपको दृढ़ निश्चय करना होगा motivation को अपनी आदत में बदलने के लिए।

अपडेट रहें या ज्ञान इकट्ठा करते रहें :-

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए आपको उस फील्ड का ज्ञान होना आवश्यक है। आप चाहे जिस भी फील्ड में जा रहे हो उसकी जानकारी आपको सफल बनाने में मदद करेंगी। आप अपने मोबाइल फोन या लैपटॉप के software ya apps को भी टाइम टू टाइम अपडेट करते रहते हैं। यदि आप इन्हें अपडेट नहीं करते हैं तो ये काम काम करना बंद कर देती हैं। इसलिए ज्ञान अर्जित करते रहें और समय के साथ अपडेट रहें। सफलता अवश्य आपको गले लगाएगी।

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“जय हिन्द।”

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