To dare to dream | सपने देखने का साहस।

To dare to dream | सपने देखने का साहस।

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To dare to dream | सपने देखने का साहस।

यदि हम सपनों की बात करें तो हर कोई सपना देखता है, लेकिन उन सपनों में फर्क होता है। एक तो सपना वो होता है जिसे हम रात को सोते समय देखते हैं। रात के समय में और गहरी नींद में आने वाला यह वो ड्रीम है जिसे हम न चाहते हुए भी देखते हैं। अपने इस लेख (To dare to dream | सपने देखने का साहस।) में हम सपनों के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करेंगे।

दूसरा ख्वाब वो है जिसे आप दिन के उजाले में और पूरे होशहवास में देखते हैं। ये सपने देख तो सभी सकते हैं लेकिन इन्हें पूरा करने के लिए बहुत मेहनत और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है।

यदि यहां साहस और हिम्मत की बात की जाए तो ख्वाब देखने से कई गुना ज्यादा साहस, उस ख्वाब को पूरा करने के लिए आवश्यक है। जो सपना या ख्वाब आपने सोचा है, या फिर देखा है। उसे पूरा करने के लिए अब उस पर कार्य करने की जरूरत है।

मानलो आपने कोई सपना देखा कि अपनी जिंदगी में मुझे इसके जैसा बनना है या फिर ये बड़ा मुकाम हासिल करना है। बड़ा काम करने या बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए क्या सबक जरूरी है। अपने आप में क्या बदलाव जरूरी हैं जो आपको उस ऊंचाई तक ले जा सकते हैं, इन सब चीजों को ध्यान में रखकर ही आप कार्य करेंगे तभी आपके सपने साकार हो सकते हैं।

What is your dreams | सपनों की परिभाषा।

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दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जिसे सपने नहीं आते हैं। हम जो सपने देखते हैं उनका वास्तविक जीवन से कुछ न कुछ संबंध जरुर होता है। सपने देखना भी एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है। वैज्ञानिकों ने सपनों की परिभाषा कुछ इस प्रकार लिखी है :—

“Dream इंसानी शरीर की एक मानसिक स्थिति है, जहां उसका दिमाग आंशिक रूप से कार्यछम रहता है और संवेग, अनुभूति तथा अवेगों के द्वारा उसे एक काल्पनिक अवस्था का अहसास कराता है।”

Dare to dream meaning in Hindi | सपनों का अर्थ।

प्राचीन काल से ही विशेषज्ञों, दार्शनिकों तथा लेखकों ने सपनों (dreams) के रहस्यों (secrets) को समझने की कोशिश की। पहले लोगों का मानना था कि सपनों का स्वरूप अलौकिक होता है। सपना देखते समय हमारी आत्मा हमारे शरीर से निकलकर बाहर घूमती है। इस अवस्था में वो जो भी देखती या सुनती है वही घटना हमारा सपना कहलाती है।

धीरे – धीरे कुछ विशेषज्ञों तथा दार्शनिकों ने सपनों की अवस्था का गहन अध्ययन किया और अपने मत दिए। इन्हीं में से एक Sigmund Freud थे जिन्होंने अपने मनोविश्लेषणात्मक अध्ययन द्वारा बताया कि हर एक सपने का एक अर्थ होता है।

वास्तविक बात तो यह है कि जो इंसान सपना देख रहा होता है, ये सब उसके नियंत्रण से परे होता है। उसका अपने आप पर नियंत्रण नहीं होता है और ये पिक्चर्स व थीम्स उसके सामने एक फिल्म की भांति स्वतः ही चलने लगते हैं।

वैज्ञानिकों का ये मानना है कि जो कुछ भी हम सपनों में देखते हैं उनका हमारे वास्तविक जीवन से गहरा संबंध होता है। हमारे जीवन में कुछ ऐसे कार्य होते हैं जिन्हें हम पूरा नहीं कर पाते हैं या फिर कुछ और करने की इच्छाएं जागृत होती हैं। इन सबका हमारे सपनों से गहरा संबंध होता है।

Interpretation of dreams | सपनों की व्याख्या।

Dream

विकिपीडिया के अनुसार —

स्वप्न व्याख्या को आधुनिक काल में मनोविज्ञान की विभिन्न विचारधाराओं ने अनेकों सिद्धांतों द्वारा प्रस्तुत किया है। प्राचीन यूनानी, मंदिरों का निर्माण करते थे जिन्हें वे एस्कलेपिओंस कहते थे, जिनमें बीमार लोगों का उपचार किया जाता था। ऐसी मान्यता थी कि मंदिर परिसर में इलाज, सपने देखने से दैवीय कृपा द्वारा प्रभावी होगा।

दूसरी शताब्दी में हुए डाल्डिस के अर्टमिडोरस ने स्वप्नों की व्याख्या पर एक ग्रंथ लिखा था। अर्टमिडोरस का मानना था कि सपने भविष्य की भविष्यवाणी कर सकते थे। उसने यह सोचा था कि सपने की छवियों के अनेक अर्थ हो सकते थे। और छवि का उसके घटक शब्दों में कूटानुवाद करके उसे समझा जा सकता था।

सिकंदर ने टीरियनों से युद्ध करते समय एक सपना देखा कि एक ऐयाश (सैटर) उसकी ढाल पर नृत्य कर रहा था। अर्टमिडोरस ने इस सपने की व्याख्या इस प्रकार की है: सैटर = सा टिरोस (सूर तेरा हो जाएगा), यह भविष्यवाणी करते हुए कि अलेक्जेंडर विजयी होगा।

सिग्मंड फ्रायड ने अर्टमिडोरस के इस उदाहरण को स्वीकार किया था, जब उन्होंने प्रस्ताव रखा था कि सपनों की व्याख्या एक चित्र पहेली की भांति करनी चाहिए।

अल – किंदी {(अलकिंदस) 801-873} ने (मध्यकालीन इस्लामी मनोविज्ञान) भी सपनों की व्याख्या पर On sleep and dreams नामक ग्रंथ लिखा था। चेतना अध्ययन पर अल – फराबी (872-951) ने सपनों पर एक ग्रंथ लिखा था जिसका नाम ऑन द कॉज ऑफ ड्रीम्स था। वे स्वप्न व्याख्या एवम् सपनों की प्रकृति तथा कारणों में अंतर करने वाले पहले व्यक्ति थे।

सोलहवीं शताब्दी में स्वप्न व्याख्या पर चेन शियुआन द्वारा संकलित चीनी पुस्तक लॉफ्टी प्रिसिपल्स ऑफ ड्रीम इंटरप्रिटेशन है। स्वप्न व्याख्या के बारे में चीनी विचारकों का भी यह प्रश्न है कि कैसे हम जानते हैं कि हम सपना देख रहे हैं। या हम जाग रहे हैं जैसे deep thoughts पर प्रश्नचिन्ह लगाया है।

To dare to dream | सपने देखने का साहस।

Dream interpretation : psychoanalysis | स्वप्न व्याख्या : मनोविश्लेषण।

Dream

सिग्मंड फ्रायड

स्वप्न व्याख्या पर आधारित सिग्मंड फ्रायड की पुस्तक The interpretation of dreams, 1899 में पहली बार प्रकाशित हुई। उन्होंने पहली बार यह तर्क दिया था कि सभी सपनों की विषय वस्तु की प्रेरणा कामना पूर्ति है। और स्वप्न देखे जाने का उत्प्रेरक प्रायः स्वप्न से पिछले दिन कि घटनाओं में पाया जा सकता है।

फ्रायड ने यह दावा किया कि छोटे बच्चे सीधी तरह से पिछले दिन उठी इच्छाओं की पूर्ति को अपने सपने में देखते हैं। लेकिन फ्रायड के सिद्धांत में, वयस्कों में यह स्थिति और अधिक जटिल है।

सपनों की तथाकथित ‘प्रकट विषयवस्तु ‘ अवचेतन में उपस्थित अव्यक्त स्वप्न विचारों का अत्यधिक प्रच्छन्न व्युत्पाद होने के साथ, वयस्कों के सपने विरूपित होते हैं। इस विरूपण और प्रच्छन्नता के परिणामस्वरूप स्वप्न का वास्तविक महत्त्व छुपा रहता है।

फ्रायड ने उन विरूपण प्रक्रियाओं को सूचीबद्ध किया जो, उन्होंने दावा किया कि दमित इच्छाओं पर कार्य करके उन्हें स्मरित सपनों में परिवर्तित करती है। इन विरूपण (स्वप्न – कार्य) के कारण सपनों की प्रकट विषयवस्तु विश्लेषण द्वारा जाने गए अव्यक्त स्वप्न विचार सेअत्यंत भिन्न होती है। इन विरूपनों को उलटकर अव्यक्त विषयवस्तु को जाना जा सकता है।

निम्नलिखित प्रक्रियाएं शामिल हैं —

  • संक्षेपण

एक स्वप्न पात्र अनेक साहचर्यों और विचारों का प्रतिनिधित्व करता है। अतः स्वप्न विचारों के विस्तार और समृद्धता की तुलना में सपने संक्षिप्त, अत्यल्प और अल्पशाब्दिक होते हैं।

  • विस्थापन

एक स्वप्न विषय का भावनात्मक महत्त्व उसके वास्तविक विषय या विषयवस्तु से अलग हो जाता है। और एक बिल्कुल भिन्न विषय से जुड़ जाता है जो नियंत्रक का संदेह जागृत नहीं करता है।

  • प्रतिनिधित्व

एक विचार दृश्य छवियों में अनूदित होता है।

  • प्रतीकवाद

यह एक कार्य, व्यक्ति या विचार को प्रतिस्थापित करता है।

एस. फ्रायड के अनुसार :- व्यग्रता सपनों और डरावने सपनों का अनुभव स्वप्न कार्य में असफलता का परिणाम है। अपनी इच्छापूर्ति के सिद्धांत का खंडन करने की बजाय, इस प्रकार की अद्भुत घटना ने प्रदर्शित किया कि अति शक्तिशाली और अपर्याप्त रूप से प्रच्छन्न दमित इच्छाओं की जानकारी के प्रति अहम के द्वारा किस कदर प्रक्रिया की गई।

कार्ल युंग

कार्ल युंग का मानना था कि सपनों में अपरिहार्य सत्य, दार्शनिक घोषणाएं, भ्रम, अनियंत्रित कल्पनाएं, यादें, योजनाएं, तर्कहीन अनुभव यहां तक कि दूर संवेदनीय दृश्य हो सकते थे। जैसे मानस में एक प्रकाशित पक्ष होता है, जिसे हम चेतन अवस्था में अनुभव करते हैं।

इसी का एक अंधेरा पक्ष भी होता है जिसकी हम स्वप्न जैसी कल्पनाएं करते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने चेतन अनुभव के महत्त्व पर शक नहीं करते, तब हमें हमारे अचेतन जीवन के मूल्य के संबंध में पूर्वानुमान नहीं लगाने चाहिए।

केल्विन एस हॉल

केल्विन एस हॉल ने 1953 में सपनों का एक सिद्धांत विकसित किया, जिसमें स्वप्न देखने को भी एक संज्ञानात्मक प्रक्रिया माना गया था। हॉल का तर्क था कि एक स्वप्न केवल एक विचार या विचार श्रृंखला थी जो सोने के समय घटित हुई।

एन फैराडे

फैराडे तथा अन्य ने 1970 में आप स्वयं करें स्वप्न व्याख्या पर एक बुक पब्लिश की। सपनों का विश्लेषण करने और उन्हें साझा करने के लिए एक ग्रुप द्वारा dream interpretation को मुख्य धारा में लाने में सहायता की।

फैराडे ने लिखा कि, आधुनिक शोध से एक बात दृढ़ता से उभरी है कि बहुसंख्या ऐसे सपनों की हुई है। जो उन बातों को प्रतिबिंबित करते हुए लगते हैं जो किसी तरह से एक या दो दिन पहले हमारे दिमाग में पहले से रही थी।

क्लिफ्ट

वालेस क्लिफ्ट और जीन डेल्बी क्लिफ्ट ने 1980 से 1990 के दशकों में सपनों में उत्पन्न छवियों और स्वप्नदृष्टा के जीवन के बीच संबंध पर आगे खोज की। उनकी पुस्तकों ने उपचारात्मकता और स्वास्थ्य की ओर जाने पर विशेष जोर देते हुए सपनों में पैटर्न की पहचान की। तथा जीवन के परिवर्तनों की खोज हेतु सपनों के विश्लेषण के तरीकों की खोज की।

To dare to dream | सपने देखने का साहस।

The power of your dreams | आपके सपनों की ताकत।

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आपके सपने और आपके thoughts बहुत शक्तिशाली हैं यदि आप इन्हें सकारात्मक मानसिक नजरिए से देखते हैं। आप इतिहास में झांक कर देखें और उन महान लोगों के बारे में जानें जिन्होंने आधुनिक जीवनशैली को बहुत आसान बना दिया हैै। आओ उन लोगों के सपनों की ताकत और उनके साहस के बारे में जानते हैं जिन्होंने अपने सपनों को सच साबित कर दिखाया।

Dream of DNA discovery | डीएनए की खोज का सपना।

जेम्स डी. वाटसन, जो कि एक अमेरिकन जीवाणु वैज्ञानिक हैं, को DNA (deoxyribonucleic acid) की खोज के लिए जाना जाता है। डीएनए की खोज पर उनका कहना था कि “मैंने अपने सपने में अनेकों स्पायर (घुमावदार) सीढ़ियां देखी थीं।”

1953 में जेम्स वाटसन ने फ्रांसिस क्रिक के साथ मिलकर डीएनए की संरचना का पता लगाया। 1962 में जेम्स वाटसन, फ्रांसिस क्रिक और मॉरिस विल्किंस को डीएनए की खोज के लिए नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

Dream of inventing electric bulb | बल्ब के आविष्कार का सपना।

थॉमस अल्वा एडिसन अमेरिका के सबसे लगनशील और प्रसिद्ध वैज्ञानिकों में से एक थे। 11 Feb 1847 में जन्मे एडिसन के नाम 1093 पेटेंट हैं। उन्होंने electric bulb की खोज की, हालांकि उन्हें अपने इस सपने को साकार करने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करनी पड़ी।

बिजली के बल्ब की खोज करने में वे 10,000 बार असफल हुए, लेेकिन उन्होंने खुद को कभी असफल नहीं माना। अपनी इस असफलता पर उन्होंने कहा, कि मैंने 10 हजार ऐसे रास्ते निकाले जो मेरे काम के नहीं थे।

केवल सपने (dreams) देखने या अच्छे विचार रखने मात्र से ही सफलता प्राप्त नहीं होती। सफलता की राह पर चलने और अपने destination तक पहुंचने के लिए एक्टिविटी की आवश्यकता होती है। स्वयं में विश्वास के सहारे आप हर ऊंचाई को छू सकते हैं।

विश्वास की शक्ति में कुछ भी जादुई या रहस्यमयी नहीं है। “मुझे विश्वास है कि मैं ये काम कर सकता हूं”, वाले रवैए (attitude) से हमें वह शक्ति, ऊर्जा और योग्यता प्राप्त होती है जो उस काम के लिए जरूरी होती है। विश्वास और motivation के द्वारा आप अपने सपनों के रास्ते में आने वाली हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।

Dream of sewing machine invention | सिलाई मशीन के आविष्कार का सपना।

बताया जाता है कि इलियास होवे के सपने (dreams) के कारण ही सिलाई मशीन का आविष्कार हुआ। इलियास होवे एक अमेरिकी वैज्ञानिक थे जिन्होंने 1846 में सिलाई मशीन का पेटेंट कराया था।

जरा सोचिए अगर सिलाई मशीन का आविष्कार नहीं होता तो क्या आज हम इतने फैशनेबल कपड़े पहन पाते। भारत में 1935 में कोलकाता के एक कारखाने में ऊषा नाम की पहली सिलाई मशीन बनाई गई। मशीन के सारे पुर्जे भी भारत में निर्मित हुए थे।

दोस्तो, आपके dreams ही वह ताकत हैं, वो जरिया हैं जो आपको वहां ले जा सकते हैं जहां आप जाना चाहते हैं। इसलिए बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करें।

आपके सपने, motivation और आपकी लगन आपको हर उस मुकाम तक पहुंचने में मदद करेंगे, जिसे आप हासिल करना चाहते हैं। ऐसे बहुत से महान लोग हैं जिन्होंने सपने देखने का साहस किया और अपनी मेहनत व लगन से उन्हें हासिल भी किया।

To dare to dream | सपने देखने का साहस।

11 best big dream quotes :-

Dream quotes

  1. “All our dreams can come true, if we have the courage to pursue them.”                   – Walt Disney
  2. “The interpretation of dreams is a great art.”                    – Paracelsus
  3. “बीता हुआ कल और कुछ नहीं बल्कि आज की स्मृति है, और आने वाला कल आज का सपना है।”                       – खलील जिब्रान
  4. “सपने में या जागते हुए हम केवल उन घटनाओं को देखते हैं, जो हमारे लिए मायने रखती हैं।”     – जैन रॉबर्ट्स
  5. “A dream doesn’t become reality through magic, it takes sweat, determination and hard work.”                – कॉलिन पॉवेल
  6. “सपनों को सच साबित करने का सबसे आसान तरीका है, जाग जाना।”   – पॉल वैलरी
  7. “सपनों की व्याख्या मन की अचेतन गतिविधियों के ज्ञान के लिए राजसी – पथ है।” – सिग्मंड फ्रायड
  8. “जितने अधिक सपने आप देख सकते हैं, उतने अधिक आप पूरे भी कर सकते हैं।”                                    – माइकल कोर्डा
  9. “लोगों को सपनों की जरूरत है, उनमें भोजन जितना ही पोषण है।”      – डोरोथी गिलमैन
  10. “जब तक आप प्रार्थना करते हैं और अपने सपनों में विश्वास करते हैं, तब तक कुछ भी संभव है।”                            – एंडी रूइज़ जूनियर
  11. “जो लोग सपने देखने की हिम्मत करते हैं, वो पूरी दुनिया जीत सकते हैं।”           – धीरूभाई अम्बानी

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